बिहार : नीतीश सरकार ने स्वीकार किया, शिक्षा मानकों में पिछड़े पांच राज्यों में शामिल है बिहार

बिहार विधानसभा के चल रहे बजट सेशन में एक प्रश्न के उत्तर में नीतीश सरकार ने मान लिया कि नीति आयोग के मुताबिक  बिहार शिक्षा के मानकों पर पिछड़े पांच राज्यो में शुमार है। विधायक समीर महासेठ के सवाल पर शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने सदन में यह बयान दिया है।

वहीं अन्य सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि 8385 पंचायतों में उच्चमाध्यमिक विद्यालयों की स्थापना की गई है। शिक्षक बहाली मामले में उन्होंने सदन को यह जानकारी दी कि- शिक्षकों के लिए परीक्षा ली जा रही है। वहीं उन्होंने कहा कि न्यायालय ने जो बहाली की प्रक्रिया रोकी है उसके लिए  परमिशन ली जा रही है। सदन सदस्यों एक सवाल पर उन्होंने कहा कि 2017 -18 में 2000 माध्यमिक और 4000 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगशाला की स्थापना कराई गई है। वहीं कहा कि लगातार शिक्षा के क्षेत्र में काम हो रहा है। इसका परिणाम बढ़ा है। अब बच्चे फर्स्ट आ रहे है सेकंड आने वाले छात्रों की  संख्या घाटी है। वहीं सदन को उन्होंने बताया कि प्रदेशन में.तीन नए विवि खोले गए हैं, पाटलिपुत्र, पूर्णिया और मुंगेर यूनिवर्सिटी खोले गए हैं।


इधर बता दें कि राजद, कांग्रेस, भाकपा माले सहित अन्‍य विपक्षी दल सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। मंगलवार को बिहार विधानसभा में धान खरीद की तारीख बढ़ाने बढ़ाए जाने की मांग को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इस पर सरकार के जवाब से नाराज राजद विधायकों ने सदन से वॉक आउट भी कर दिया।

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