एक मार्च से पूरे देश में कई बदलाव; बहुत से क्षेत्र अपनी पूर्ववत कार्यप्रणाली पर लौट रहे

कई महीनों के बाद एक बार फिर से कल (एक मार्च) से नए बदलाव लागू हो रहे हैं। इन बदलावों के चलते आम जनजीवन पूरी तरह से बदल सकता है। इन बदलावों में कोरोना वायरस वैक्सीनेशन, कई राज्यों में स्टूडेंट्स के स्कूल खुलना, बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े कुछ बदलाव शामिल हैं।

बुजुर्गों और बीमारों को कोविड-19 टीका लगेगा:
एक मार्च से शुरू हो रहे तीसरे चरण के कोरोना टीकाकरण के तहत 60 साल से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 45 पार लोगों को भी वैक्सीन लगाई जाएगी। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी हॉस्पिटल में भी टीकाकरण किया जाएगा। हालांकि, निजी अस्पतालों में यह निशुल्क नहीं होगा। बुजुर्गों और बीमारों को को-विन सहित अन्य ऐप के अलावा टीकाकरण केंद्र पर भी पहुंचकर पंजीकरण कराने की सुविधा मिलेगी।

नया आईएफसी कोड अमल में आएगा:
सोमवार से विजया बैंक और देना बैंक के पुराने आईएफएससी कोड नहीं काम करेंगे। बैंकिंग लेन-देन के लिए ग्राहकों को नए आईएफएससी कोड का सहारा लेना पड़ेगा। दरअसल, साल 2019 में विजया बैंक और देना बैंक का विलय बैंक ऑफ बड़ौदा में हो गया है। इस विलय के बाद दोनों बैंकों से जुड़े लोग बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहक बन गए हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा से नए एमआईसीआर कोड वाली चेक-बुक 31 मार्च 2021 तक हासिल की जा सकेगी।

तीन राज्यों में प्राथमिक स्कूल खुलेंगे
एक मार्च से देश के तीन राज्यों में प्राथमिक स्कूल पूरी तरह से खुल जाएंगे। उत्तर प्रदेश और बिहार में जहां सरकार ने कक्षा एक से पांच तक की सारी कक्षाएं बहाल करने का फैसला किया है। वहीं, हरियाणा में कक्षा एक और दो के लिए भी नियमित कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। राज्य में कक्षा तीन से पांच तक के छात्रों के लिए स्कूल पहले ही खोले जा चुके हैं। कोरोना संक्रमण के चलते मार्च 2020 से ही स्कूल बंद चल रहे थे।

कोरोना के नए मामलों में गिरावट आने से धीरे धीरे सभी क्षेत्र अपनी पूर्ववत कार्यप्रणाली पर लौटते दिख रहे हैं।

बिहार: स्कूल में खेल रहे बच्चों ने गेंद समझकर पटका, धमाके के साथ फटा बम; एक बच्चे की मौत