बिहार :कोरोना नियंत्रण को लेकर जांच व सतर्कता बढ़ाने का निर्देश; 3 जिलों में कांट्रैक्ट ट्रेसिंग शुरू होगी

देश के पांच राज्यों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बिहार में कोरोना नियंत्रण को लेकर जांच व सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया गया। मुख्य सचिव, बिहार दीपक कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षकों को ये निर्देश दिए गए। 

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि कोरोना संक्रमण के मामलों में तीन जिलों नवादा, औरंगाबाद व पूर्णिया में वृद्धि दर्ज की गयी है। इन तीनों जिलों के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षकों को संक्रमित व्यक्तियों के संपर्कता की तलाश कराने का निर्देश दिया गया। संक्रमित व्यक्ति क्या बाहर से आएं हैं, इसकी भी जांच करें। 

जानकारी के अनुसार अधिकांश संक्रमण के मामले शहरी क्षेत्रों में ही मिले हैं। इन पर विशेष नजर रखने, कांट्रैक्ट ट्रेसिंग करने और फिर माइक्रो कंटेनमेंट जोन की घोषणा करने का निर्देश दिया। इसके बाद, इन माइक्रो कंटेनमेंट जोन में स्थित घर-घर जांच कराने के निर्देश दिए गए। जिन लोगों के संपर्क में वे आएं हैं उन सभी की जांच कराएं। बैठक में टीकाकरण अभियान में शामिल फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में होमगार्ड के टीकाकरण का निर्देश दिया गया। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को अगले तीन दिनों में सभी होमगार्ड कर्मियों के टीकाकरण कराने का निर्देश दिया गया। 

बिहार के एईएस प्रभावित 12 जिलों के जिलाधिकारी, सिविल सर्जन एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में एईएस के मामले को नियंत्रित करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार किए गए विषयों पर चर्चा की गयी। इनमें स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण व सामुदायिक जागरूकता इत्यादि शामिल है। बैठक में मुजफ्फरपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी व वर्तमान में पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह से स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने अपने अनुभवों को साझा करने का अनुरोध किया। चंद्रशेखर सिंह ने विस्तृत रूप से एईएस नियंत्रण को लेकर अपने अनुभव को साझा किया। इसके साथ ही, राज्य में एईएस की निगरानी की कार्रवाई भी शुरू कर दी गयी।

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