कोशी तटबन्ध बाढ़ की समस्या को लेकर डीएम से मिला कोशी नव निर्माण मंच का प्रतिनिधिमंडल


कोशी तटबन्ध के बीच बाढ़ व अन्य ज्वलंत समस्यायों की मांग को लेकर कोशी नव निर्माण मंच का एक प्रतिनिधि मंडल जिलापदाधिकारी से मिलकर मांग पत्र दिया जिसपर अनेक विन्दुओं पर कार्रवाई का भरोसा डीएम द्वारा दिया गया।

उक्त बातें एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से देते हुए सन्गठन के संस्थापक महेन्द्र यादव व जिला अध्यक्ष इन्द्रनारायण सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि तटबन्ध के भीतर बाढ़ की स्थिति, नावों के निबंधन व घाटों पर नियोजन, मानक संचालन प्रक्रिया के तहत बाढ़ में कार्य करने, तटबन्ध के बीच के गाँवो में जारी कटाव, ऑनलाइन तैयार हो रही साहाय्य राशि की सूची की पारदर्शिता व अनुश्रवण समिति के क्रियान्वयन, नया सर्वे कर सभी को पुनर्वासित कराने, तटबन्ध के बीच कोविड टीकाकरण, अन्य टीकाकरण जैसे महत्वपुर्ण मुद्दों को उठाया गया जिसपर जिलापदाधिकारी ने कहा कि नावो के अनुबंध का समय, नाव मालिक व नाविकों के नाम व no बोर्ड घाटों पर लगाये जायेंगे, साथ ही अनुबंधित नावों पर लिखनाने व झंडा लगाने की कोशिश होगी अनुबंध की प्रक्रिया में सुधार होगा।

उसी प्रकार बाढ़ साहाय्य राशि 6 हजार के लिए ऑनलाइन तैयार हो रही सूची को जिले के वेबसाइट पर डाला जाएगा जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी, कोविड टीका का स्टॉक आते ही जिले में नावों से कोविड टीकाकरण पंचायतवार कराया जाएगा, मानक संचालन प्रक्रिया के तहत कार्य तेज होंगे कटाव व सोलर के सम्बध में उन्होंने सम्बन्धीत विभाग को कहा वही तटबन्ध के बीच के सभी गाँवो में सामान्य टीकाकरण व ओपीडी के लिए साप्ताहिक एएनएम को भेजने के लिए सम्बंधित विभाग को कहा। उन्होंने अनुश्रवण समिति में सरपंच व अन्य सामाजिक लोगों को शामिल करने के सवाल पर कहा कि करने में कोई दिक्कत नही है परन्तु विभाग इसे तय करता है उसी प्रकार तटबन्ध के बीच के लोगों को नया सर्वे कर उन्हें पुनर्वासित करने के सवाल पर जमीन की कमी सहित जिले के सीमाओं की बात की।

इस पर प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि जिन विन्दुओं पर आश्वासन मिला है अगर वे धरातल पर नही उतरती है तो आगे शांतिपूर्ण तरीके से इसके लिए आंदोलन किया जाएगा।


वहीं कोशी नव निर्माण मंच तटबन्ध के बीच के लोगों का नया सर्वे कराकर पुनर्वास के लिए पात्र सभी लोगों को नए सिरे से पुनर्वास दिलाने, कोशी पीड़ित विकास प्राधिकरण को पुनः सक्रिय कराने और कोशी के बाढ़ के समाधान के लिए नीतिनिर्माताओं के सामने बड़े संघर्ष खड़ा करने के अपने संकल्प को दुहराया।